Thursday, 3 August 2023

cow urine

 


गौमूत्र निम्न बीमारियों पर काम करता है - 


 1 :-हृदय रोगो से निजात । 
2 :- ब्लड प्रेशर कम / ज्यादा को सामान्य करता है ।
3 :- हार्ट ब्लोकेज से बचाता है एवं सही करता है ।
4 :- हृदय को मजबूत एवं ताऐकत प्रदान करता है ।
5 :- हृदयाघात या पक्षघात या हार्ट अटैक से बचाता है ।

6 :- लीवर ( यकृत ) के रोगो से निजात दिलाता है । 
7 :- फैटी लीवर से निजात ।
8 :- पीलिया ।
9 :- लीवर कैंसर ।
10 :- लीवर में सूजन ।
11 :- लीवर की जन्म जात या अनुवांशिक बीमारी ।
12 :- सिरोसिस या लीवर पे घाव ।
13 :- हेपेटाइटिस। 
14 :- कोरानरी धमनियों की बीमारी से लाभ ।

 15 :- फेफडों के रोगों से निजात । 
16 :- अस्थमा ।
17 :- फेफड़ो का कैंसर ।
18 :- निमोनिया ।
19 :- टी०बी० की समस्याओं से लाभ।
20 :- स्वास ( दमा ) ।
21 :- घवराहट ।
22 :- सांस फूलना ।
23 :- खांसी ।
24 :- अधिक बलगम ।
25 :- छाती या सीने में दर्द ।

 26 :- गुर्दा या किडनी के रोगों से निजात । 
27 :- गुर्दे की पथरी ।
28 :- किडनी कैंसर ।
29 :- किडनी में सूजन ।
30 :- एनीमिया ।

 31 :- गुप्त रोगो से निजात । 
32 :- कामेच्छाओं में कमी ।
33 :- प्रजनन क्षमता में कमी ।
34 :- बाँझपन ।
35 :- शुक्राणुओं एवं अन्डाणुओं की कमी या कमजोरी ।
36 :- वीर्य की कमी ।
37 :- नपुसंकता ।
38 :- सेक्सुअली समस्या ।
39 :- स्पर्म काऊंटर प्वाइंट को एवं बढ़ाना ।
40 :- मेन पावर को बढ़ाता है ।

 41 :- मस्तिष्क के रोगो से निजात । 
42 :- चक्कर आना या ( मांसिक कमजोरी ) ।
43 :- नींद न आना, अनिद्रा , तनाव , डिप्रेशन या तनाव ।
44 :- ब्रेन ट्यूमर ।
45 :- माईग्रेन ।
46 :- ब्रेन हैमरेंज ।
47 :- लकवा या पक्षघात या पैरालाईज, ।
48 :- नसों की कमजोरी या हांथ पैर काँपना ।
49 :- हाथ पैर या शरीर में सुन्नपन ।
50 :- सर में दर्द रहना या आधे सिर में दर्द रहना।
51 :- मिर्गी । पागल 
52 :- दौड़ा ।
53 :- साईटिका ( नस का दब जाना ) ।
54 :- शारीरिक थकान या कम्जोरी ।
55 :- नसों में ब्लॉकेज ।
56 :- स्मरणीय शक्ति या एकाग्रता या याददाश्त की कमी ।

 57 :-आँखों की कमी से निजात । 
58 :- आँखों से कम दिखाई देना या नजर की कमजोरी ।
59 :- आँखों के चश्मे से मुक्ति ।
60 :- आँखों से पानी आना ।
61 :- आँखों में जलन, सूजन, या दर्द रहना ।
62 :- आँखों में इंफेक्शन होना ।

 63 :- नाक के रोगो से निजात । 
64 :- नाक से खून आना ।
65 :- नाक का मास बढ़ जाना ।
66 :- नाक में जुकाम बना रहना या नकसीर ।
67 :- सांस लेने में परेशानी होना ।

 68 :- कान के रोगो से निजात । 
69 :- कान से कम सुनाई देना या बहरापन ।
70 :- कान से खून आना या मबाद आना ।
71 :- कान से साय - साय की आवाज़ आना ।

 72 :- मुँह के रोगो से निजात । 
73 :- मुँह में कैंसर ।
74 :- मुँह से बदबू आना ।
75 :- मुँह में छाले बने रहना ।
76 :- मुँह में दाँतो की समस्या ।
77 :- पायरिया ।
78 :- दांतो में कीड़ा लगना ।

 79 :- बालों की समस्या से निजात । 
80 :- बाल झड़ना ।
81 :- बालों का कमजोर होना ।
82 :- नये बाल न आना ।
83 :- हाईड्रोसील ( वृषण का बड़ जाना या पानी भर जाना )।
84 :- स्तन में गांठ या स्तन कैंसर ।

 85 :- त्वचा के रोगो से निजात । 
86 :- सोरायसिस ।
87 :- दाद , खाज , खुजली , लाल - काले चकत्ते होना ।
88 :- सफेद दाग की समस्या ।
89 :- शरीर में दने , फोड़ा - फुंसी, या पानी भरना, मबाद आना, घाव होना या ऐड़ी फटना या त्वचा में किसी भी प्रकार का 
 कोई इंफैकशन झुर्रियाँ कम करना दाग, धब्बे, कील, मुहासे छाजन, झाँईया इत्यादि रोग ।
90 :- बबासीर ।

 91 :- गले से होने वाली समस्याओं से निजात । 
92 :- गले में सूजन ।
93 :- गलगण्ड का रोग ।
94 :- घेंघा ।
95 :- थाईराइड ।
96 :- बलगम की समस्या ।
97 :- गले में इंफैक्शन ।
98 :- गले में कैंसर ।
99 :- मधुमेह ( सुगर ) ।

 100 :- जोड़ो का दर्द ( घुटनों का दर्द , कमर का दर्द )। 
101 :- गठिया वाय ।
102 :- अर्थराइटिस ।

 103 :- पाचन क्रिया का खराब होना । 
104 :- गैस की समस्या, खट्टी डकारें, सीने में जलन, खड्डाई की समस्या ।
105 :- कब्ज की समस्या, बदहजमी ।
106 :- जी मचलाना, भूँख न लगना।
107 :- खून की कमी ( ऐनीमिया ) ।
108 :- शारीरक दुर्बलता ।
109 :- मोटापे की समस्या ।
110 :- नशा से छुटकारा ।
111 :- मौसमी बीमारियों से निजात ।
112 :- एलर्जी ।
113 :- शरीर में कहीं भी गाँठ पढ़ जाना ।
114 :- लिकोरिया ।

 115 :- मासिकधर्म के दौरान होने वाली समस्याओं से निजात । 
116 :- अनिमितता ( अनियमित मासिक चक्र ।
117 :- शारीरिक थकान , कमजोरी महसूस करना ।
118 :- नींद न आना ।
 119 :- चिड़चिड़ापन ।
120 :- कमर दर्द ।

 121 :- बच्चे दानी में गाँठ । 
122 :- बच्चे दानी का फैटी होना या माँस चमा होना ।
123 :- बच्चे दानी में कैंसर ।
124 :- बच्चे दानी का सिकुड़ना या सूजन होना ।
125 :- सफेद पानी की समस्या ।
126 :- कॉलेस्ट्रॉल की समस्या ।
127 :- एड्स ।
128 :- स्वाईन फ्लू ।
129 :- प्रौस्टेट ।
१30 :- अल्जाइमर ।
131 :- यूरिक एसिड का बढना ।
132 :- कोलाईटिस

गौमूत्र सेवन विधि - 

रोगानुसार विस्तृत वर्णन है | परन्तु यहाँ हम साधारण रूप से कैसे ले सकते हैं उसका वर्णन करते हैं| 
  • गाय जब विश्राम के बाद कड़ी होती है उस समय स्टील कांच अथवा मिट्टी का एक बर्तन ले कर खड़ा हो जाएँ | 5- 10 मिनट इन्तजार करें |
  • गाय पेशाब  देने की कोसिस करेगी उस समय बर्तन से ऊपर से ही भरे | जमीं पर गिरने न दे| 
  • उसे लेकर साफ़ धोती जितनी पतली कपड़ा का 7 परत कर दूसरे बर्तन में छान लें | 
  • प्रति व्यक्ति 80- 100 ml उसमे से सेवन के लिए ले ले |


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